अंतरिक्ष में कार, अंतरग्रहीय अर्थव्यवस्था की उम्मीदें

टेक्नो सेवी इलोन मस्क द्वारा स्थापित स्पेस एक्स उन कुछ चुनिंदा कंपनियों में शामिल है, जो मनुष्य की कल्पना की उड़ान के अंतिम छोर अन्तरिक्ष का साहसपूर्वक अन्वेषण कर रही है। हमारे सौरमंडल में किसी भी वस्तु को भेजने की भारी-भरकम लागत के बावजूद यह कंपनियां उन कल्पनाओं को साकार करने के अथक प्रयास में जुटी हैं, जिनमें अंतरिक्ष में घूमने वाले होटल, नजदीक से धरती की परिक्रमा कराने वाले पर्यटन अंतरिक्ष यानों और ग्रहीय पदार्थों का रोबोट के माध्यम से खनन जैसे रोमांचकारी प्रोजेक्ट शामिल हैं। एक सर्वाधिक शक्तिशाली राकेट के जरिए अंतरिक्ष में एक कार भेजना भी ऐसे ही रोमांचकारी प्रयोगों की ओर एक लंबा कदम है। यह कदम मील स्तंभ भी साबित हो सकता था, यदि कार धरती और मंगल ग्रहों के बीच राह न भटक गयी होती। स्पेस एक्स और अंतरिक्ष के अन्वेषण में तल्लीन उनके सहयोगी किसी आपात स्थिति में पृथ्वी को बचाने और पृथ्वी की सीमा के बाहर अंतरिक्ष में मानवीय बस्ती बसाने जैसी चुनौतियों का सामना करने में जुटे हैं। यह अन्वेषक नए क्षेत्र खोल रहे हैं जो सिर्फ अंतरिक्ष में धनाढ्यों को मनोरंजन के लिए सैर कराने भर के लिए नहीं हैं, वरन पृथ्वी के सुदूर ऊपर अंतरिक्ष में घूमते हुए किसी आकस्मिक स्थिति और संसाधनों की कमी होने पर अंतरिक्ष से उसकी अगली एक-दो शताब्दियों में भरपाई करने के भी काम आएगी।
अंतरिक्ष व खगोल विज्ञानी आशान्वित हैं कि ऐसी खोजें अगले पांच-छह दशकों में तकनीकी रूप से संभव हो सकेंगी। शायद उस समय की हजार करोड़ का आंकड़ा छू रही मानव आबादी की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बिल्कुल उपयुक्त समय होगा। स्पेस एक्स द्वारा विश्व के सबसे शक्तिशाली रॉकेट को लांच करने जैसे तकनीकी प्रयास सकारात्मक परिणामों की बड़ी आस बंधा जाते हैं। एक असफल प्रयोग भविष्य की सफल छलांग की राह आसान करते हैं, किंतु यह साफ है कि अब तक अंतरिक्ष विज्ञान की जो प्रगति हुई है, वह इतनी गौण है कि उसने हमें एक बार फिर इस अनंत और अचंभित कर देने वाले काले अंतरिक्ष के अथाह और अगम होने का अहसास करा दिया है। अगर कभी अंतरिक्ष में जाना वित्तीय लागत के हिसाब से संभव हुआ तो ये अंतरग्रहीय अर्थव्यवस्था के नए रास्ते खोलेगा।

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