देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

मार्च में 44 डिग्री की मार क्या जलवायु संकट अब खुली तबाही बन चुका है

21 मार्च 2026 को अमेरिकी दक्षिण पश्चिम हिस्से से आई रिपोर्ट ने जलवायु संकट को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी। रिपोर्ट के अनुसार एरिजोना और दक्षिणी कैलिफोर्निया के कुछ हिस्सों में तापमान 112 फॉरेनहाइट यानी करीब 44 दशमलव 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो मार्च महीने के लिहाज से बेहद असामान्य और रिकॉर्ड तोड़ स्थिति मानी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि यह भीषण गर्मी सामान्य मौसमी चक्र से कई महीने पहले आई और वैज्ञानिकों ने इसे मानवजनित जलवायु परिवर्तन से गहराई से जोड़ा। विश्व मौसम एट्रिब्यूशन के फ्लैश विश्लेषण का हवाला देते हुए रिपोर्ट ने कहा कि जीवाश्म ईंधन से बढ़ी वैश्विक गर्मी के बिना इस तरह की घटना लगभग असंभव होती। खबर में यह भी बताया गया कि इस तरह की अल्ट्रा एक्सट्रीम घटनाएं अब अलग थलग अपवाद नहीं रह गईं, बल्कि लगातार बढ़ती वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा बन रही हैं। 2021 की पैसिफिक नॉर्थवेस्ट हीट डोम, 2022 की पाकिस्तान बाढ़ और अन्य चरम आपदाओं का संदर्भ देते हुए रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौजूदा आपदा प्रबंधन तंत्र पुराने मौसमीय पैटर्न पर आधारित हैं और तेजी से बदलती जलवायु के सामने कमजोर पड़ रहे हैं। यह रिपोर्ट केवल अमेरिका की गर्मी की कहानी नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चेतावनी की तरह सामने आई कि मौसम अब कैलेंडर से नहीं, संकट से चल रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button