मनरेगा की डबरी बनी किस्मत का तालाब: सुकमा के किसान हिरमाराम को हर साल 1.10 लाख की अतिरिक्त आमदनी

सुकमा जिले के किसान हिरमाराम की जिंदगी मनरेगा की एक डबरी ने बदल कर रख दी है। कभी केवल बारिश के मौसम में खेती करने को मजबूर हिरमाराम के खेत अब सालभर हरे-भरे रहते हैं। ग्राम पंचायत रामाराम में मनरेगा की मदद से 2 लाख 94 हजार रुपये की लागत से बनी यह डबरी पहली ही बारिश में लबालब भर गई और किसान की किस्मत भी इसी के साथ बदल गई।
पानी मिलने के बाद हिरमाराम ने धान के साथ-साथ मछली पालन भी शुरू किया। सिर्फ 5 किलो मछली बीज से शुरू किया गया यह प्रयास आज उनके लिए हर साल करीब 1 लाख 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन चुका है।
कलेक्टर और जिला सीईओ के मार्गदर्शन में शासकीय योजनाओं का लाभ जिस तेजी से ग्रामीणों तक पहुंच रहा है, हिरमाराम की यह सफलता उसी का सजीव उदाहरण है।
हिरमाराम बताते हैं कि पहले सिंचाई के अभाव में उनकी 2 एकड़ जमीन का बड़ा हिस्सा बेकार पड़ा रहता था। अब डबरी ने न केवल खेती की दिशा बदली है, बल्कि मछली पालन ने परिवार को आर्थिक मजबूती भी दी है। वे खुशी से कहते हैं— “मनरेगा ने मेरी जिंदगी संवार दी। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का हृदय से धन्यवाद करता हूं।”
आज यह डबरी उनके परिवार की स्थायी खुशहाली की पहचान बन गई है।




