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जापान को पछाड़कर भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, अब जर्मनी और चीन पर टिकी नजर

साल 2025 के अंत से पहले ही भारत ने वैश्विक आर्थिक मंच पर बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। तेज रफ्तार से बढ़ती जीडीपी के दम पर भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा पा लिया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब 4.18 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

अब अगला लक्ष्य जर्मनी है। जहां एक ओर जर्मनी 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होते हुए भी मंदी की गिरफ्त में है, वहीं भारत की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में भारत के लिए जर्मनी को पछाड़ना मुश्किल नहीं रहेगा।

चीन पर बढ़ता भारत का दबदबा

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन इन दिनों गंभीर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। रियल एस्टेट सेक्टर के संकट, बढ़ते कर्ज, कमजोर घरेलू मांग और सरकारी दखल ने उसकी रफ्तार को धीमा कर दिया है। इसके उलट भारत मजबूत घरेलू बाजार, बुनियादी ढांचे में भारी निवेश और ‘चीन प्लस वन’ रणनीति के चलते विदेशी कंपनियों का भरोसेमंद ठिकाना बनता जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, 2028 तक वैश्विक विकास में भारत का योगदान चीन से भी अधिक हो सकता है। चीन की बूढ़ी होती आबादी और पश्चिमी देशों के साथ बिगड़ते रिश्ते उसकी मुश्किलें और बढ़ा रहे हैं।

भारत पर क्यों है दुनिया का भरोसा

भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल घरेलू बाजार, युवा कामकाजी आबादी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर है। सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क ने लागत घटाई है, जबकि वैश्विक कंपनियां भारत को चीन के विकल्प के रूप में देख रही हैं। फिच जैसी रेटिंग एजेंसियों ने जहां चीन की रेटिंग निगेटिव की है, वहीं भारत के लिए 7% से ज्यादा ग्रोथ का अनुमान लगाया है।

2030 तक 10 ट्रिलियन डॉलर का सपना

IDBI कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत हर डेढ़ साल में 1 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी जोड़ने की क्षमता रखता है और 2030 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। ब्लूमबर्ग का अनुमान है कि मौजूदा रफ्तार बरकरार रही तो भारत आने वाले वर्षों में चीन को भी कड़ी चुनौती देगा। 686.2 बिलियन डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार और 8.2% जीडीपी ग्रोथ के साथ भारत फिलहाल मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है।

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