कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ के पथ-विक्रेताओं की ऐतिहासिक मौजूदगी, 77वें गणतंत्र दिवस में बनेंगे विशेष अतिथि

रायपुर। देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार छत्तीसगढ़ के शहरी पथ-विक्रेताओं की भागीदारी इतिहास रचने जा रही है। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में पहली बार छत्तीसगढ़ के पथ-विक्रेताओं को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह पहल न केवल राज्य, बल्कि देशभर के मेहनतकश पथ-विक्रेताओं के लिए सम्मान और पहचान का प्रतीक बनेगी।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशभर के पथ-विक्रेता भाई-बहनों से भी संवाद करेंगे। उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नगर पालिका परिषद मुंगेली के पथ-विक्रेता बाबूलाल बुनकर और नगर पालिका परिषद लोरमी के पथ-विक्रेता सोना कुमार कैवर्त्य से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की और उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई दी। दोनों पथ-विक्रेता प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थी हैं और ईमानदारी से अपनी आजीविका चला रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व में पथ-विक्रेताओं की भागीदारी सामाजिक समावेशन, आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास की सोच को मजबूती देती है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है, जो पथ-विक्रेताओं की मेहनत और योगदान को राष्ट्रीय मंच पर उजागर करता है।
गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान पथ-विक्रेताओं को प्रधानमंत्री संग्रहालय और लोटस टेंपल का भ्रमण भी कराया जाएगा, जिससे वे देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझ सकेंगे। यह पहल संदेश देती है कि राष्ट्र निर्माण में हर वर्ग की भूमिका अहम है और मेहनतकश नागरिक ही देश की असली ताकत हैं।




