रजत जयंती के संकल्प से विकसित छत्तीसगढ़ तक: लोकतंत्र, सुरक्षा और विकास का साझा संदेश

रायपुर। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रप्रेम और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना पूरे प्रदेश में दिखाई दी। संविधान, स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए छत्तीसगढ़ की रजत जयंती यात्रा के अनुभव साझा किए गए। नए विधानसभा भवन को छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक बताया गया, वहीं जनजातीय नायकों के योगदान, डिजिटल संग्रहालय और वंदे मातरम् के सामूहिक गान का उल्लेख हुआ।
नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई, आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटते लोग और बस्तर में लौटती शांति को विकास की नई सुबह बताया गया। किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाओं, शिक्षा-स्वास्थ्य, ऊर्जा, उद्योग, खेल और पर्यटन में हुए कार्यों को विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बताया गया। सुशासन, पारदर्शिता और सांस्कृतिक संरक्षण के संकल्प के साथ जनभागीदारी से आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।



