कर्तव्य पथ पर गूंजा नए भारत का शौर्य, ऑपरेशन सिंदूर के रीप्ले ने खींचा दुनिया का ध्यान

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत की सैन्य ताकत और लोकतांत्रिक आत्मविश्वास का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। परेड के दौरान ऑपरेशन सिंदूर का प्रभावशाली रीप्ले हुआ, जिसने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। आसमान में भारतीय वायुसेना ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाकर साहस का संदेश दिया, जबकि जमीन पर थलसेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त झांकी ने ऑपरेशन सिंदूर की झलक पेश की।
इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शुभकामनाएं मिलीं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को 77वें गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि अमेरिका और भारत, दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते, एक ऐतिहासिक संबंध साझा करते हैं। यह संदेश ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच व्यापार और शुल्क जैसे मुद्दों पर चर्चाएं चल रही हैं।
ट्रंप का यह संदेश नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी भारत को शुभकामनाएं देते हुए रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, उभरती तकनीकों और ‘क्वाड’ के जरिए दोनों देशों के गहरे सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ठोस और सकारात्मक परिणाम दे रही है।
इस वर्ष की परेड की भव्यता और बढ़ गई, जब इसमें अमेरिका निर्मित सी-130जे परिवहन विमान और अपाचे हेलीकॉप्टर सहित कई आधुनिक लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन रहे, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर भारत की शक्ति और संस्कृति का सजीव प्रदर्शन देखा।
‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित इस परेड में कुल 30 झांकियां निकलीं, जिनका संदेश था— “स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत”। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना के 29 विमानों ने फ्लाईपास्ट कर आसमान में गर्व और गौरव का दृश्य रचा।



