हौसलों ने रची नई कहानी: दिव्यांगता को मात देकर मधु साहू बनीं अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी

रायपुर। संघर्ष और संकल्प की मिसाल बनी रायगढ़ जिले के तमनार गांव की रहने वाली मधु साहू ने यह साबित कर दिया कि शारीरिक चुनौती सफलता की राह में दीवार नहीं बन सकती। 40 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांगता और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी (वित्त विभाग) के पद पर चयन हासिल किया।
मधु साहू ने प्रतिकूल परिस्थितियों को कभी अपने सपनों पर हावी नहीं होने दिया। नियमित अध्ययन, सख्त दिनचर्या और लक्ष्य के प्रति अडिग समर्पण के साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। शारीरिक कठिनाइयों के बीच भी उनका हौसला डगमगाया नहीं और निरंतर प्रयास ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना।
उनकी इस उपलब्धि पर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित “क्षितिज अपार संभावनाएं” सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत 50 हजार रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई। यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और उपलब्धि की सरकारी पहचान भी है।
प्रोत्साहन राशि मिलने के बाद मधु साहू ने कहा कि इस सहयोग से उन्हें आर्थिक संबल के साथ यह भरोसा भी मिला है कि राज्य शासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि यह प्रोत्साहन आगे की जिम्मेदारियों और भविष्य की तैयारी के लिए नई ऊर्जा देगा।
मधु साहू ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, शिक्षकों, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को देते हुए आभार व्यक्त किया। उनकी प्रेरक कहानी यह संदेश देती है कि जब मेहनत, आत्मविश्वास और संवेदनशील सरकारी योजनाओं का साथ मिलता है, तो हर असंभव को संभव बनाया जा सकता है।




