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कैबिनेट के बड़े फैसले: एंटी नारकोटिक्स फोर्स से लेकर क्लाउड नीति तक, छत्तीसगढ़ में विकास और सुरक्षा को नई रफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश की सुरक्षा, प्रशासनिक मजबूती, डिजिटल विस्तार और युवाओं के रोजगार से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए राज्य के 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जिसके लिए बजट में 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।

किसी भी आपात या आतंकी घटना से निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के गठन को भी मंजूरी दी गई है। इस विशेष बल के लिए 44 नए पद सृजित होंगे, जो गंभीर हालात में तुरंत कार्रवाई करेंगे।

युवाओं को रोजगार और विमानन क्षेत्र में अवसर देने के उद्देश्य से राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (FTO) की स्थापना का निर्णय लिया गया है। निजी सहभागिता से संचालित यह संस्थान पायलट प्रशिक्षण के साथ-साथ एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देगा।

स्टार्टअप सेक्टर को मजबूती देने के लिए छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य को एक प्रमुख नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ेगा और निवेश आकर्षित होगा।

कैबिनेट ने गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण की 35 पूर्ण कॉलोनियों को नगर निकायों को सौंपने का फैसला भी किया है। इससे कॉलोनीवासियों को पानी, सड़क, बिजली और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी और दोहरे रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगमों के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग हो सकेगा। वहीं सिरपुर और अरपा क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए शासकीय भूमि आबंटन का अधिकार संबंधित जिलों के कलेक्टरों को दिया गया है।

डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति’’ लागू करने को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सभी सरकारी विभाग अनुमोदित और सुरक्षित क्लाउड सेवाओं का उपयोग करेंगे, जिससे साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और नागरिक सेवाएं 24×7 उपलब्ध रहेंगी।

इसके साथ ही राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर योजना को भी स्वीकृति दी गई है। खासकर वामपंथी उग्रवाद प्रभावित और दूरस्थ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचने से ई-गवर्नेंस, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

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