9 करोड़ के चेक बाउंस केस में राजपाल यादव ने किया सरेंडर, तिहाड़ में काटेंगे 6 महीने की सजा

हंसी से लोगों को गुदगुदाने वाले बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव इस वक्त कानूनी मुश्किलों में घिरे हुए हैं। फरवरी 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। मामला करीब 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसकी जड़ें साल 2010 तक जाती हैं।
राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और समय पर लोन नहीं चुकाया जा सका। ब्याज और जुर्माने के चलते रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये हो गई। कर्ज चुकाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद कंपनी ने सात अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए।
2018 में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई, जिसे 2019 में सत्र न्यायालय ने भी बरकरार रखा। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट से जून 2024 में सजा पर स्टे मिला, लेकिन शर्त थी कि वे तय समझौता राशि का भुगतान करेंगे। कोर्ट ने कई बार समय दिया। 2025 में 75 लाख रुपये जमा किए गए, मगर शेष रकम अदा नहीं की जा सकी। लगातार वादाखिलाफी पर सख्त रुख अपनाते हुए कोर्ट ने फरवरी 2026 में सरेंडर का अंतिम आदेश जारी कर दिया।
5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। उन्हें 6 महीने की सजा काटनी होगी। कानूनी जानकारों का कहना है कि जेल की सजा पूरी करने के बाद भी कर्ज की बकाया राशि चुकानी पड़ेगी। इस बीच फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक क्षेत्र से सोनू सूद, गुरमीत चौधरी और तेज प्रताप यादव जैसे लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया है।



