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AI संगीत विवाद: हरिहरन-शान-कविता ने कहा AI नहीं बना पाएगी 90s लव सांग मैजिक

14 फरवरी 2026 को संगीत की दुनिया में बड़ा संगीत विवाद उभरकर सामने आया जब भारतीय संगीत के प्रसिद्ध गायक हरिहरन, शानदार (Shaan) और कविता कृष्णमूर्ति ने एक इंटरव्यू में कहा कि AI (Artificial Intelligence) कभी भी 1990s के रोमांटिक गानों की जादूई भावना और भावनात्मक गहराई को नहीं दोहरा सकता।

तीनों कलाकारों का मानना है कि 90s के दौर के गाने सिर्फ सुर, ताल और लय नहीं थे बल्कि भावनात्मक अनुभूतियों, दिल की धड़कनों और खास यादों का मिश्रण थे, जिन्हें आज के स्मार्ट एल्गोरिदम AI जेनरेट नहीं कर सकता। हरिहरन ने कहा, “वो समयliner रिकॉर्डिंग, जीवन अनुभव और इंसान के दिल से निकली आवाज़ की वजह से गाने इतने खास थे।”

AI आधारित संगीत अब बड़ी संख्या में सॉफ्टवेयर और प्लेटफॉर्म्स पर प्रचलित है, लेकिन इन कलाकारों का कहा है कि वह केवल पैटर्न और डेटा को दोहरा सकता है; वह इंसान के ज़ज़्बात, संवेदना और मिलन-बिछड़न की भावनाएँ नहीं समझ सकता।

यह बयान मनोरंजन जगत और संगीत प्रेमियों के बीच एक बड़ा विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर AI बनाम इंसान संगीत पर बहस का माहौल बन गया है। कई युवा लोग AI के फायदे बयान कर रहे हैं, जबकि पुरानी पीढ़ी के संगीत प्रेमी 90s के दौर की “सच्ची भावना” की बात कर रहे हैं।
यह बहस अब संगीत निर्माण की दिशा और भविष्य पर सवाल खड़ा कर रही है — क्या संगीत कला को डेटा और कोड में बांधा जा सकता है या दिल और अनुभव में?

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