दक्षिण एशिया में भूकंप की लहरें, म्यांमार, चिली और इंडोनेशिया में तीव्र झटके

17 फरवरी 2026 को सुबह से ही भूकंपीय गतिविधियों का एक विचित्र पैटर्न दर्ज किया गया है, जिसमें सबसे खतरनाक झटके म्यांमार के पास आए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र और अंतरराष्ट्रीय सेसमोलॉजी नेटवर्क के आंकड़ों के अनुसार, म्यांमार में एक के बाद एक तीन तीव्र भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 5.8 से 6.4 रिक्टर स्केल तक अनुमानित की गई है। इन झटकों से आसपास के इलाकों में इमारतों और बुनियादी ढांचों को नुकसान की आशंका जताई गई है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंपीय धाराओं ने चिली और इंडोनेशिया में भी हल्की से मध्यम झटकों को जन्म दिया, जिससे वहां के नागरिक अस्थिर वातावरण का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लहरें टेक्टोनिक प्लेटों के तनाव मुक्त होने या गहरे ज्वालामुखीय क्षेत्रों से जुड़ी अस्थिरता का संकेत हो सकती हैं।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और संभावित आफ्टरशॉक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। म्यांमार में स्थानीय प्रशासन ने मुख्य सड़कों को बंद कर दिया है और राहत कार्यों की प्राथमिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस घटना ने दक्षिण एशिया में भूकंपीय जोखिम प्रबंधन पर गहन बहस को जन्म दिया है, क्योंकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि इमारतों और आधारभूत संरचनाओं में भूकंपरोधी तकनीकों का अभाव यहां के निवासियों के लिए और अधिक खतरा बना रहा है।




