रमजान के समापन के साथ सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों से 18 मार्च की शाम शावल का चांद देखने की अपील की है। चांद दिखाई देने पर ही ईद-उल-फितर की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इस्लामी परंपरा के अनुसार ईद का दिन चांद दिखने पर निर्भर करता है, इसलिए अंतिम फैसला हमेशा आखिरी समय में होता है।
रिपोर्ट के मुताबिक चंद्र दर्शन इस्लामिक धार्मिक परंपरा का केंद्रीय हिस्सा है, क्योंकि इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह चंद्रमा के चरणों पर आधारित है। यदि 18 मार्च को चांद दिखाई देता है तो अगले दिन ईद मनाई जा सकती है, अन्यथा एक और रोज़ा रखा जाएगा।
यह अपील ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर के मुसलमान ईद की तैयारियों में जुटे हैं। सऊदी अरब में चांद देखने की आधिकारिक घोषणा का असर कई अन्य देशों पर भी पड़ता है, हालांकि कुछ देश स्थानीय चांद देखने की परंपरा का पालन करते हैं।




