औषधि पादप बोर्ड को नई दिशा, अंजय शुक्ला ने संभाला उपाध्यक्ष पद

रायपुर। छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड को नया नेतृत्व मिल गया है। रायपुर के जीरो प्वाइंट स्थित राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित समारोह में अंजय शुक्ला ने बोर्ड के उपाध्यक्ष पद का विधिवत कार्यभार संभाला। इस मौके पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक किरण सिंह देव, अनुज शर्मा और इंद्रकुमार साहू सहित कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
समारोह को संबोधित करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ वन संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां की वनौषधियां सदियों से लोगों के उपचार का आधार रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान को संरक्षित करने और उसे समाज के व्यापक हित में उपयोगी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर अंजय शुक्ला का पदभार ग्रहण करना एक शुभ संकेत है, जिससे बोर्ड के कामकाज को नई गति मिलेगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि औषधि पादप बोर्ड वैद्य सम्मेलन, वनौषधि प्रदर्शनी और जागरूकता अभियानों के जरिए अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए नेतृत्व में बोर्ड की गतिविधियां और प्रभावी होंगी। विधायक किरण सिंह देव ने भी कहा कि अंजय शुक्ला के अनुभव से बोर्ड को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में यह संस्था नए आयाम स्थापित करेगी।
बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि राज्य सरकार ने स्थानीय स्वास्थ्य परंपराओं और वन औषधीय ज्ञान के संरक्षण-संवर्धन के उद्देश्य से इस बोर्ड का गठन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए उपाध्यक्ष के अनुभव और मार्गदर्शन से बोर्ड नवाचार और विस्तार की दिशा में बेहतर कार्य करेगा। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।




