राखी से पहले जवानों की कलाइयों पर सजा बहनों का प्यार, शहीद की पत्नी ने CM साय को बांधी राखी

रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर में भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का अनोखा संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने रक्षा सूत्र बांधे। इस दौरान पूरा माहौल आत्मीयता, सम्मान और कृतज्ञता से भर गया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने शहीद जवान के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शहीद परिवारों के साथ हमेशा खड़े रहने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक नहीं, बल्कि शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व से जुड़ा रिश्ता है। वीर जवानों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता। शहीदों के परिवार अपने परिवार हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा सुख-दुःख में साथ खड़े रहने का रिश्ता हमेशा कायम रहेगा।
नक्सलवाद का अंत बहनों के लिए सुरक्षा का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस दिखाया और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का बड़ा उपहार है।
उन्होंने कहा कि वह समय आ रहा है, जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल लौटने की चिंता नहीं सताएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए दौर का रास्ता खोला है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान अब हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी।
800 जवानों की कलाइयों पर बंधी राखी
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के करीब 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों को राखी बांधकर राष्ट्र और समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा आत्मीय दृश्य पहली बार देखा है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले जवानों को जब बड़ी संख्या में बहनों ने राखी बांधी तो रक्षाबंधन का व्यापक अर्थ सामने आया।
जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में योगदान देने वाले जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन किया।
‘बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ की लाखों-करोड़ों बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मिला है। यही विश्वास जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। लखपति दीदी अभियान के तहत प्रदेश की 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
रक्षाबंधन से पहले 68 लाख बहनों को 631 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बनी है। पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में करीब 68 लाख बहनों के खातों में लगभग 631 करोड़ रुपये अंतरित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की माताएं और बहनें आर्थिक रूप से मजबूत बनें और अपने फैसले स्वयं ले सकें।
रायपुर को मिले पांच नए प्रोजेक्ट
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स—‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ का शुभारंभ किया।
‘हरित पोषणम्’ के तहत आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे तथा उन्नत सब्जी बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
‘प्रोजेक्ट निरामय’ के तहत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य और रक्त जांच की जाएगी। समस्या मिलने पर आवश्यकतानुसार निशुल्क उपचार की व्यवस्था होगी।
‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’ के जरिए हर महीने सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े आयोजन होंगे। ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ में प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों के अनुभव और विचार पॉडकास्ट के जरिए सामने लाए जाएंगे।
‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ के माध्यम से सौंरा यानी सपेरा समुदाय के परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना और जॉब कार्ड सहित जरूरी दस्तावेज और योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल होगी।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, स्कूली विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।




