नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हर कोई हैरान था कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इस महान अभिनेता का अंतिम संस्कार दिन के उजाले के बजाय लगभग आधी रात को आनन-फानन में किया गया?
8 अक्टूबर की देर रात पुणे स्थित फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन समय को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह की अफवाहें और सवाल तैरने लगे। लोग पूछ रहे थे कि ऐसी क्या जल्दबाजी थी? अब इस पूरे मामले पर नाना के बेटे मल्हार पाटेकर ने चुप्पी तोड़ी है और इसके पीछे की वजह बताई है। मल्हार के मुताबिक, नाना पाटेकर की अपनी वसीयत और इच्छा थी कि उनकी अंतिम यात्रा में कोई तमाशा न बने और पारिवारिक परंपराओं के तहत ही समय गंवाए बिना काम पूरा किया जाए। हालांकि, इस देर रात की अंत्येष्टि ने फैंस और मीडिया के बीच कई नए सवालों को जन्म दे दिया है।
एक तरफ जहां फैंस अपने पसंदीदा स्टार की एक आखिरी झलक के लिए तड़पते रह गए, वहीं अचानक आधी रात को हुए इस अंतिम संस्कार ने कई बातें अनकही छोड़ दी हैं। जो भी हो, नाना का जाना बॉलीवुड के लिए एक कभी न भरने वाला घाव है।
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