State-level Judo Championship kicks off in Bilaspur; 240 athletes from 16 districts to showcase their skills.

बिलासपुर में राज्य स्तरीय जूडो चैंपियनशिप का आगाज, 16 जिलों के 240 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

बिलासपुर। जूडो केवल मुकाबला जीतने का खेल नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन, आत्मसंयम और आत्मविश्वास विकसित करने का माध्यम भी है। खासकर बालिकाओं के लिए यह खेल आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। यह बात राज्यपाल रमेन डेका ने बिलासपुर के सरकंडा स्थित खेल परिसर में 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चैंपियनशिप-2026 का शुभारंभ करते हुए कही।

छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के तत्वावधान में बिलासपुर जिला जूडो संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 16 जिलों से 240 खिलाड़ी और प्रशिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

हार से सीखकर आगे बढ़ना ही असली जीत

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि खेल हमें प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना, जीत के बाद विनम्र रहना और हार से सीख लेकर आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से निराशा को पीछे छोड़कर अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ एशियाई खेलों और ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। सफलता हासिल करने के लिए अनुशासन, धैर्य और निरंतर अभ्यास बेहद जरूरी हैं।

छत्तीसगढ़ की जूडो प्रतिभाओं की उपलब्धियों का किया जिक्र

राज्यपाल ने कोंडागांव जिले की जूडो खिलाड़ियों की उपलब्धियों को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने, हेमवती नाग के खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और ओपन नेशनल प्रतियोगिता में पदक जीतने तथा रंजीता कोरेटी के ताइवान में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां साबित करती हैं कि मेहनत, समर्पण और सही अवसर मिलने पर प्रदेश की प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान

समारोह में राज्यपाल ने जूडो में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले हेमवती नाग, अभिषेक जायसवाल, शारदा गोस्वामी और योगिता मंडावी को सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिले बेहतर अवसर

राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं तथा प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी रखने की अपेक्षा की।

कार्यक्रम में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, महासचिव शम्भू सोनी, बिलासपुर जिला जूडो संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला सहित खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

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