Nature's devastating fury in Bihar! Dozens of villages are being swallowed by the waters due to severe erosion by the Ganges; helpless residents are forced to flee.

बिहार में प्रकृति का भयंकर तांडव! गंगा के भीषण कटाव से पानी में समा रहे हैं दर्जनों गांव, बेबस लोग पलायन को मजबूर

बिहार में गंगा का विकराल रूप अब अभिशाप बनता जा रहा है। नदी के आक्रामक कटाव ने राज्य के कई जिलों में तबाही मचा रखी है, जहाँ एक के बाद एक कई गांव जलसमाधि लेते जा रहे हैं। अपनी आंखों के सामने आशियानों को उजड़ते देख बेबस ग्रामीण सड़क पर आने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती ने उनकी मुसीबतों को कई गुना बढ़ा दिया है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों के टूटने से उपजी इस आपदा ने ग्रामीण इलाकों की कमर तोड़ दी है। उपजाऊ ज़मीनें पानी में बह चुकी हैं और लोग अपने मवेशियों व परिवार के साथ सुरक्षित ठिकानों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। स्थानीय जनता का आरोप है कि बाढ़ और कटाव रोकने के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये पानी में बहा दिए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस सुरक्षा कार्य नहीं होता। राजनेता सिर्फ चुनावी वादे करने आते हैं, जबकि आपदा की इस मार में आम आदमी का जीवन पूरी तरह बर्बाद हो रहा है।

प्रकृति के इस गुस्से और सरकारी तंत्र की नाकामी के बीच पिस रहा बिहार का आम नागरिक आज पूरी तरह लाचार है। यदि समय रहते युद्धस्तर पर बचाव और पुनर्वास के कार्य नहीं किए गए, तो यह मानवीसी त्रासदी आने वाले दिनों में और भी भयावह रूप ले लेगी।

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4rtheye web Desk
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