बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा इलाके से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ गंगा नदी में एक नाव पलटने से कम से कम 13 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चे एक गांव से दूसरे गांव भोज में शामिल होने जा रहे थे कि अचानक ओवरलोडेड नाव नदी के तेज बहाव में समा गई। सुबह जब बच्चों के शव पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे थे, तो पूरा इलाका चीखों से दहल उठा।
इस हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर बिहार में प्रशासनिक लापरवाही और बिना सुरक्षा मानकों के चलाई जा रही नावों के काले सच को बेनकाब कर दिया है। हर बार हादसे के बाद जांच कमेटियों का ढोंग रचा जाता है, मुआवजा घोषित होता है और फिर अगली त्रासदी का इंतजार किया जाता है। स्थानीय निवासियों का गुस्सा अब उफान पर है और उन्होंने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
13 बेकसूर बच्चों की जान जाना कोई मामूली हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। आखिर कब तक वोटों की राजनीति में लीन हुक्मरान गरीबों और बच्चों की लाशों पर आंखें मूंदे बैठेंगे?
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