देश की चुनावी व्यवस्था की साख पर एक बार फिर बट्टा लगता नजर आ रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने चुनावों में बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ और धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए 15 अक्टूबर को दिल्ली की सड़कों पर हुंकार भरने की पूरी तैयारी कर ली है।
AAP के वरिष्ठ नेताओं ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें, क्योंकि मौजूदा प्रक्रिया निष्पक्ष चुनाव कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। पार्टी का आरोप है कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर को ही कलंकित किया जा रहा है और चुनिंदा ताשों को फायदा पहुंचाने के लिए पारदर्शिता को ताक पर रख दिया गया है। इस एलान के बाद से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में प्रशासन तथा प्रदर्शनकारियों के बीच जोरदार टकराव तय माना जा रहा है।
जब देश के संवैधानिक संस्थान ही कठघरे में खड़े हो जाएं, तो निष्पक्ष लोकतंत्र की उम्मीद करना सिर्फ एक छलावा रह जाता है।
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