सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जौहर ट्रस्ट से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं और घपलों के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए रामपुर के अजीमनगर थाने में नया मामला दर्ज कर लिया है। इस ताजा कानूनी शिकंजे ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर से उबाल ला दिया है।
केंद्रीय एजेंसी की इस कार्रवाई को लेकर समाजवादी खेमे में भारी आक्रोश है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक बदले की भावना के तहत आजम खान और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। दूसरी ओर, जांच एजेंसियों का दावा है कि ट्रस्ट के नाम पर बड़े पैमाने पर जमीनों की हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ियां पाई गई हैं, जिसके पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। रामपुर से लेकर लखनऊ तक इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है और आने वाले समय में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच के नाम पर प्रतिशोध की यह राजनीति देश के न्याय तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिसका सच जनता के सामने आना जरूरी है।
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