सुकमा अस्पताल में जिंदगी की जंग जीती महिला, डॉक्टरों की तत्परता से टली बड़ी त्रासदी

रायपुर। सुकमा जिला अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की मुस्तैदी और डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई ने एक महिला को नई जिंदगी दी। छिंदगढ़ विकासखंड के कुन्ना गांव की रहने वाली 38 वर्षीय पाली कवासी को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, जहां उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी।
अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण तुरंत सर्जरी करना जरूरी हो गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा ने बिना समय गंवाए एलएससीएस (सीजेरियन) ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान मृत शिशु के जन्म से स्थिति और जटिल हो गई, जिससे महिला की हालत लगातार बिगड़ने लगी।
हालात इतने गंभीर हो गए कि महिला की सांसें थमने लगीं और दिल की धड़कन भी रुकने जैसी स्थिति बन गई। ऐसे नाजुक समय में मेडिकल टीम ने तेजी से निर्णय लेते हुए दो बार सीपीआर देकर महिला को पुनर्जीवित किया। इसके बाद उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।
डॉक्टरों की सतर्कता, अनुभव और अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों की बदौलत महिला की जान बचा ली गई। अब पाली कवासी पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त कर रही हैं।



