गोद लिए गांवों में आजीविका और कौशल विकास पर फोकस, राज्यपाल डेका ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने गोद लिए गए गांवों में आजीविका संवर्धन, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर सतत निगरानी जरूरी है।
राज्यपाल ने समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और हथकरघा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर गोद ग्रामों में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने और परिणाम आधारित क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल ने खैरागढ़–छुईखदान–गंडई जिले के ग्राम सोनपुरी, बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी और गरियाबंद जिले के ग्राम बिजली को गोद लिया है। इन गांवों में कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ समावेशी विकास को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है।
लाइवलीहुड मिशन के तहत कौशल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए राज्यपाल ने विस्तृत सर्वेक्षण कर स्थानीय मांग के अनुसार प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, पात्र हितग्राहियों को पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने, महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आजीविका गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को गोद ग्रामों का भ्रमण कर आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में समाज कल्याण विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक अश्वनी देवांगन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


