राष्ट्रीय शालेय कबड्डी की शुरुआत में ही अव्यवस्था, खाने-रहने को लेकर खिलाड़ियों का फूटा गुस्सा

दुर्ग जिले में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय कबड्डी प्रतियोगिता का आगाज खेल भावना से ज्यादा अव्यवस्थाओं की चर्चा के साथ हुआ। पहले ही दिन दूसरे राज्यों से आए खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स ने खाने और रहने की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। खिलाड़ियों का कहना है कि नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में उन्हें ऐसी सुविधाएं मिलीं, जो अपेक्षाओं से कोसों दूर थीं।
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए खिलाड़ियों का आरोप है कि नाश्ते में न तो पर्याप्त मात्रा में भोजन मिला और न ही वितरण व्यवस्था संतोषजनक रही। कई खिलाड़ियों को दूध तक नसीब नहीं हुआ, जबकि लंबी लाइन में 15 से 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। हालात ऐसे बने कि कुछ खिलाड़ियों ने खुले तौर पर कहा कि इससे बेहतर तो वे बाहर ही खाना खा लेते।
दरअसल, 14 वर्ष आयु वर्ग की यह राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता 6 से 9 जनवरी 2026 तक दुर्ग में आयोजित की जा रही है। मुकाबले भिलाई नायर समाजम हायर सेकेंडरी स्कूल और सेक्टर-1 स्थित बास्केटबॉल ग्राउंड में खेले जा रहे हैं। इसमें देश के 29 राज्यों से 329 खिलाड़ी और 87 ऑफिशियल्स शामिल हुए हैं।
सुबह उद्घाटन से पहले जब खिलाड़ी और ऑफिशियल सेक्टर-6 स्थित गुरुनानक स्कूल नाश्ते के लिए पहुंचे, तो वहां सिर्फ एक ही काउंटर था। नाश्ते में दूध और ब्रेड देने की बात कही गई थी, लेकिन अधिकांश खिलाड़ियों को दूध नहीं मिला। एक ही काउंटर होने से अव्यवस्था फैल गई और खिलाड़ियों को जमीन पर बैठकर खाना खाने को मजबूर होना पड़ा।
नाराजगी सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं रही। दूसरे राज्यों से आए ऑफिशियल्स ने आवास व्यवस्था को भी कमजोर बताया। उनका कहना है कि नेशनल स्तर की प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, जो यहां नजर नहीं आईं।
हालांकि, उद्घाटन समारोह के बाद विभाग ने कुछ सुधार किए। दोपहर के भोजन में स्टाफ के लिए अलग काउंटर बनाया गया और बैठने की व्यवस्था भी की गई। इस पूरे मामले पर दुर्ग संभाग की सहायक संचालक (खेल) कल्पना स्वामी ने सफाई देते हुए कहा कि मेनू के अनुसार ब्रेड, जेम, दूध, केला और पोहा दिया गया है। पहला दिन होने के कारण एक ही काउंटर लगाया गया था और सुरक्षा व अनुशासन के लिए लाइन में लगना जरूरी था।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से प्रतियोगिता को सुचारू रूप से चलाने के लिए दुर्ग संभाग के 136 व्यायाम शिक्षकों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, वहीं पूरे प्रदेश से 45 अधिकारी भी मौजूद हैं। उद्घाटन समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मुख्य अतिथि रहे, जबकि दुर्ग सांसद विजय बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।




