छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! हिंदू रीति से शादी करने वाले एसटी पर भी लागू होगा हिंदू मैरिज एक्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के वे लोग जो हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करते हैं, उन्हें हिंदू मैरिज एक्ट से बाहर नहीं किया जा सकता।
यह फैसला एक तलाक से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान आया। मामले में दंपत्ति ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया था और बाद में फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी थी।
फैमिली कोर्ट ने पहले यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि दोनों पक्ष अनुसूचित जनजाति से हैं, इसलिए उन पर हिंदू मैरिज एक्ट लागू नहीं होता। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि यदि विवाह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया है तो उस पर हिंदू मैरिज एक्ट लागू होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल जातीय पहचान के आधार पर ऐसे मामलों को कानून से बाहर नहीं रखा जा सकता।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वैवाहिक कानून से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। इससे उन मामलों में स्पष्टता आएगी जहां विवाह धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ हो।
यह निर्णय सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है और इसे वैवाहिक अधिकारों से जुड़ी एक अहम व्याख्या माना जा रहा है।



