छत्तीसगढ़ में खनिज राजस्व ने बनाई नई ऊंचाई, 16,625 करोड़ की कमाई के साथ पारदर्शी सिस्टम का असर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों के दम पर बड़ा आर्थिक मुकाम हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य ने 16,625 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व जुटाया, जो निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। यह उपलब्धि बेहतर नीति क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी तंत्र का नतीजा मानी जा रही है।
राज्य में खनिज राजस्व में इस साल 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वृद्धि दर से दोगुनी से ज्यादा है। इससे साफ है कि खनन क्षेत्र में किए गए सुधार तेजी से असर दिखा रहे हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
राजस्व बढ़ाने में एनएमडीसी और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का बेहतर प्रबंधन अहम रहा है। वहीं ‘खनिज 2.0’ जैसे आईटी प्लेटफॉर्म ने पारदर्शिता और संचालन दक्षता को नई दिशा दी है।
आने वाले समय में सरकार गौण खनिजों को भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी में है। इसके साथ ही खनिज परिवहन की निगरानी के लिए वीटीएस, iCheck गेट्स और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ाया जाएगा, जिससे पूरी व्यवस्था और मजबूत हो सके।
सरकार का लक्ष्य खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के जरिए राजस्व में लगातार बढ़ोतरी करना है, ताकि विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।




