जी20 समिट में मोदी की कूटनीतिक डिप्लोमेसी चमकी, वैश्विक विकास और साझेदारी पर दुनिया के नेताओं संग गहन वार्ता

दक्षिण अफ्रीका में आयोजित जी20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक मंच पर एक बार फिर सक्रिय और प्रभावशाली दिखे। शनिवार को उन्होंने कई देशों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और आपसी सहयोग को नई दिशा देने पर बातचीत की। मोदी ने कहा कि इन चर्चाओं में “विश्व प्रगति और मानवता के उज्ज्वल भविष्य” की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
जोहानिसबर्ग में प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर से मुलाकात करते हुए कहा कि भारत-यूके साझेदारी में इस वर्ष नई ऊर्जा आई है और यह संबंध कई क्षेत्रों में आगे और मजबूत होगा।
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ भी उनकी विस्तृत और सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया आने वाले समय में विविध क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देंगे।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-फ्रांस संबंध वैश्विक कल्याण के लिए एक मजबूत स्तंभ हैं और इन रिश्तों में निरंतर मजबूती आ रही है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ यह उनकी इस वर्ष की दूसरी मुलाकात थी। मोदी ने इस मुलाकात को रणनीतिक साझेदारी की तेज़ रफ़्तार का संकेत बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक व निवेश संबंध नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं।
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के साथ भी प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद किया और कहा कि दोनों देश अपने नागरिकों के हित में सांस्कृतिक व आर्थिक रिश्तों को और गहरा करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से चर्चा को मोदी ने “महत्वपूर्ण और सार्थक” बताया। सम्मेलन के मुख्य सत्र से पहले उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी समेत अन्य वैश्विक नेताओं से भी औपचारिक व अनौपचारिक बातचीत की।




