गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में मचा अलर्ट, व्हाट्सएप मैसेज ने बढ़ाई दहशत, निकली फैंसी ड्रेस पार्टी की रिहर्सल

गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले तक राजधानी दिल्ली पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर थी। हर चौराहे पर सुरक्षा एजेंसियां चौकस थीं, तभी 25 जनवरी की शाम दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में एक सूचना ने सनसनी फैला दी।
उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से मिले अलर्ट में बरेली की एक युवती ने राजधानी में संभावित हमले की आशंका जताई थी।
युवती का शक अपनी सहेली की व्हाट्सएप गतिविधियों पर टिका था। उसने सहेली के फोन में एक मैसेज देखा था— “हमने पोजीशन ले ली है, आ जाओ”। इसी चैट के साथ कुछ ऐसी तस्वीरें भी थीं, जिनमें चेहरों पर नकाब, टैक्टिकल ड्रेस और रहस्यमय माहौल नजर आ रहा था। यह इनपुट मिलते ही इंटेलिजेंस और स्पेशल सेल हरकत में आ गई।
गणतंत्र दिवस से 24 घंटे पहले मिले इस अलर्ट को हल्के में लेना मुमकिन नहीं था। “पोजीशन” जैसे शब्दों ने अफसरों की चिंता बढ़ा दी। दिल्ली पुलिस ने तुरंत कई टीमें तैनात कर दीं और डिजिटल फुटप्रिंट खंगालना शुरू कर दिया गया।
शाम होते-होते युवती के GPS कोऑर्डिनेट्स दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जामिया नगर में ट्रेस हो गए। कुछ ही देर में सादे कपड़ों में दर्जनों पुलिसकर्मी इलाके में पहुंच गए। आधी रात तक जामिया नगर को रणनीतिक तरीके से ब्लॉक कर दिया गया। हर कदम फूंक-फूंककर रखा जा रहा था, क्योंकि किसी भी वक्त फायरिंग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
आखिरकार पुलिस उस युवती तक पहुंच गई, जिसका जिक्र चैट में था। लेकिन जब उससे पूछताछ हुई, तो सामने आई कहानी ने सबको चौंका दिया।
तस्वीरें किसी आतंकी मॉड्यूल की नहीं, बल्कि एक प्राइवेट फैंसी ड्रेस पार्टी की रिहर्सल की थीं। ‘पोजीशन’ का मतलब भी मंच पर खड़े होने की जगहें थीं, न कि किसी हमले की तैयारी।
जांच में सामने आया कि युवती गणतंत्र दिवस को लेकर फैले आतंकी हमले के डर से इतनी घबरा गई थी कि उसने एक ड्रामा ग्रुप की स्क्रिप्ट और चैट को जिहादी साजिश समझ लिया। करीब 12 घंटे तक चली इस हाई-वोल्टेज कार्रवाई के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।



