डिजिटल टोकन से आसान हुई धान बिक्री, सरगुजा के किसान को मिला सीधा लाभ

सरगुजा जिले में धान उपार्जन केंद्रों की पारदर्शी और सुव्यवस्थित व्यवस्था ने किसानों की परेशानियां कम कर दी हैं। अब धान विक्रय की प्रक्रिया न सिर्फ सरल हुई है, बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत हो रही है। अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत हरिहरपुर निवासी लघु किसान अरविंद राम मिंज ने इस व्यवस्था से मिले लाभ को अपने अनुभव के जरिए साझा किया।
अरविंद मिंज ने बताया कि इस वर्ष अच्छी बारिश के चलते धान की पैदावार बेहतर रही। उन्होंने करीब सवा पांच एकड़ भूमि में खेती कर 103 क्विंटल धान का उत्पादन किया। किसान तुंहर टोकन ऐप के जरिए उन्होंने मोबाइल से ही घर बैठे टोकन कटवाया, जिससे लाइन और दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति मिली।
शिवपुर धान उपार्जन केंद्र पहुंचने पर गेट पास, नमी परीक्षण और बारदाना तुरंत उपलब्ध कराया गया। केंद्र में पेयजल और बैठने की उचित व्यवस्था के साथ कर्मचारियों का सहयोग भी मिला, जिससे धान विक्रय बिना किसी परेशानी के पूरा हुआ।
किसान ने बताया कि वर्तमान शासन में धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। पिछले वर्ष की आय से उन्होंने गेहूं, तिलहन और सब्जियों की खेती भी की, जिससे आमदनी के नए स्रोत बने। उनका कहना है कि बेहतर दाम और पारदर्शी व्यवस्था से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।




