यूरोप का AI कानून: टेक कंपनियों पर 7% तक जुर्माना, क्या खत्म होगी AI की आजादी?

यूरोपीय संघ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा और व्यापक कानून लागू करने की घोषणा की है। इस नए नियम का उद्देश्य AI तकनीक के विकास और उपयोग को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना है।
रिपोर्टों के अनुसार इस कानून के तहत कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके AI सिस्टम पारदर्शी हों और मानव अधिकारों का सम्मान करें। यदि कोई कंपनी इन नियमों का उल्लंघन करती है तो उस पर उसके वैश्विक वार्षिक राजस्व का 7 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
यूरोपीय संघ का कहना है कि तेजी से विकसित हो रही AI तकनीक से समाज और लोकतंत्र पर संभावित जोखिम भी बढ़ रहे हैं। इसलिए सरकारें चाहती हैं कि इस तकनीक के इस्तेमाल पर सख्त नियम बनाए जाएं।
हालांकि कई टेक कंपनियों और उद्योग विशेषज्ञों ने इस कानून पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बहुत अधिक नियम लागू करने से नवाचार की गति धीमी हो सकती है और स्टार्टअप कंपनियों के लिए नई तकनीक विकसित करना मुश्किल हो जाएगा।
दूसरी ओर मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि AI के दुरुपयोग से बचने के लिए इस तरह के नियम बेहद जरूरी हैं।
विश्लेषकों के अनुसार यह कानून दुनिया के अन्य देशों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है और आने वाले वर्षों में वैश्विक टेक उद्योग की दिशा को प्रभावित कर सकता है।



