गणतंत्र दिवस पर राजधानी में वीरता का सम्मान, पुलिस और नागरिकों को मिले सम्मान

राजधानी में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना की मिसाल पेश करने वालों को सम्मानित किया गया। समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने पुलिस बल के जांबाज़ अधिकारियों और कर्मचारियों को वीरता व उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अलंकरण प्रदान किए।
इस अवसर पर कुल 14 पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को अदम्य साहस और बहादुरी के लिए पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया। इनमें सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुनील शर्मा, निरीक्षक संदीप कुमार माडिले (बीजापुर), आरक्षक मड़कम पाण्डू और मड़कम हड़मा (सुकमा) सहित अन्य जांबाज़ शामिल रहे। साथ ही सुकमा, दंतेवाड़ा, कबीरधाम और अन्य जिलों में सेवा के दौरान शहीद हुए जवानों को भी मरणोपरांत सम्मान प्रदान कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
विशिष्ट सेवा के लिए जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा गया। वहीं सराहनीय सेवा के लिए भारतीय पुलिस पदक से कई वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया, जिनमें अपराध अनुसंधान विभाग, विशेष शाखा और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की विभिन्न वाहिनियों के अधिकारी शामिल रहे।
इसके अलावा नागरिक स्तर पर भी साहसिक कार्य करने वाले युवाओं को सम्मान मिला। रायगढ़, धमतरी और बालोद जिलों के आर्यन खेश, राकेश मिंज, आशु देवांगन, मेहुल देवांगन और हेमाद्री चौधरी को सूझबूझ और बहादुरीपूर्ण कार्य के लिए राज्य वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह देशसेवा और कर्तव्यपरायणता को नमन करने का सशक्त संदेश बनकर सामने आया।




