भिलाई में ‘हाई-टेक नशे’ का खुलासा: लैब में उगाए गांजे के साथ 2 युवक गिरफ्तार, पुलिस भी रह गई हैरान!

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नशे का कारोबार अब पारंपरिक तरीके से आगे बढ़कर हाई-टेक रूप ले चुका है। भिलाई नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो न सिर्फ सामान्य गांजा बेच रहे थे बल्कि ‘हाइड्रोपोनिक गांजा’ जैसे आधुनिक और महंगे नशे का भी धंधा कर रहे थे।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रुआबांधा इलाके में बीज विकास निगम के पास कुछ युवक नशीले पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी की और मौके से विक्रम साहू (29) और यश विश्वकर्मा (27) को धर दबोचा। तलाशी में उनके पास से 2 किलो सामान्य गांजा और छोटे पैकेट में हाई-प्रोफाइल हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ।
इतना ही नहीं, आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये नकद, महंगा मोबाइल फोन, चिलम, लाइटर और रोलिंग पेपर भी मिले। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1.75 लाख रुपये बताई जा रही है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ज्यादा मुनाफे के लालच में इस अवैध कारोबार में उतर गए थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है, क्योंकि इस तरह का हाइड्रोपोनिक गांजा आमतौर पर बड़े शहरों और हाई-प्रोफाइल सर्कल में ही देखने को मिलता है।
क्या है हाइड्रोपोनिक गांजा?
यह एक ऐसा आधुनिक तरीका है, जिसमें गांजा बिना मिट्टी के, सिर्फ पानी और विशेष पोषक तत्वों की मदद से उगाया जाता है। इसे बंद कमरों या लैब जैसे सेटअप में तैयार किया जाता है। इसमें LED लाइट, ऑक्सीजन पंप और केमिकल न्यूट्रिएंट्स का इस्तेमाल होता है, जिससे यह गांजा सामान्य से कई गुना ज्यादा ताकतवर और महंगा बन जाता है।
दुर्ग पुलिस के लिए यह बरामदगी इसलिए भी खास है, क्योंकि प्रदेश में पहली बार इस तरह का ‘हाई-टेक नशा’ पकड़ा गया है। अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह नेटवर्क आखिर कहां से ऑपरेट हो रहा था।



