शिवनाथ नदी पर 30 साल से चलता रहा अवैध खेल, प्रशासन की सख्ती में ढहा ठेकेदार का बनाया एनीकट

दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन वजह इस बार पानी नहीं, बल्कि नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया अवैध एनीकट है। ईंट-भट्टा ठेकेदार नीलकंठ पांडे ने अपने फायदे के लिए नदी पर खुद ही मिट्टी और पाइप डालकर अस्थायी पुल तैयार कर लिया। हैरानी की बात यह रही कि यह अवैध निर्माण करीब तीन दशक तक प्रशासन की नजरों से ओझल रहा।
मामला सामने आने के बाद सोमवार, 5 जनवरी को प्रशासन हरकत में आया। दो थानों की पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया गया और नदी पर बने अवैध रास्ते को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान ठेकेदार ने विरोध भी किया और जेसीबी तक बंद करवा दी, लेकिन तहसीलदार की पहल पर मशीन दोबारा शुरू कराई गई और एनीकट को एक छोर से ध्वस्त किया गया।
स्थानीय सरपंचों का कहना है कि पथरिया और रवेलीडीह पंचायत को जोड़ने के लिए पहले से पक्का ब्रिज मौजूद है। इसके बावजूद ठेकेदार ने करीब 10 किलोमीटर का रास्ता बचाने के लिए बिना किसी अनुमति के नदी पर मिट्टी-पाइप डालकर पुल बना लिया। इससे वह वर्षों से ईंट और मिट्टी का परिवहन आसानी से करता रहा और लाखों रुपये की बचत करता रहा।
पथरिया पंचायत के सरपंच मीत कुमार निषाद ने बताया कि इस अवैध बांध के लिए पंचायत से कभी अनुमति नहीं ली गई। पहले भी इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं रवेलीडीह पंचायत के सरपंच माधोलाल देवांगन का आरोप है कि ठेकेदार ने अपने निजी फायदे के लिए नदी की धारा से छेड़छाड़ की और पंचायत की जमीन किराए पर लेकर उसका भुगतान तक नहीं किया।
अब जब प्रशासन की कार्रवाई सामने आई है, तो सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने सालों तक यह अवैध निर्माण कैसे चलता रहा और जिम्मेदार अधिकारी क्यों आंख मूंदे रहे।



