भारत-इजरायल FTA बातचीत और जूट MSP निर्णय: कारोबार को नया आकार या विवाद?

27 फरवरी 2026 को जारी Daily Current Affairs के अनुसार, भारत और इजरायल के बीच पहले मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) के लिए पहला दौर की बातचीत नई दिल्ली
में 23-26 फरवरी को संपन्न हुआ। इस समझौते की रूपरेखा व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए तैयार की जा रही है, जिसमें माइक्रो, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) के लिए व्यापक अवसरों का सृजन शामिल है। इन वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और कृषि सहित कई उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को भी बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए गए।
वर्तमान में कुल माल व्यापार लगभग USD 3.62 बिलियन है, और विशेषज्ञों के अनुसार यह FTA पारस्परिक व्यापार वृद्धि और विनिमय को तेजी से बढ़ा सकता है, लेकिन आलोचक इसे कुछ सेक्टरों में “असंवैधानिक भेदभाव” पैदा करने वाला भी मानते हैं क्योंकि मुफ्त व्यापार अक्सर घरेलू उद्योगों को कमज़ोर कर देता है।
उसी दिन सरकार ने कच्चे जूट (Raw Jute) के लिए MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) भी तय किया है। 2026-27 विपणन सत्र के लिए इस MSP को ₹5,925 प्रति क्विंटल रखा गया है, जो पिछले साल की तुलना में ₹275 अधिक है और उत्पादन लागत के औसतन 61.8% ऊपर सुनिश्चित किया गया है। इससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
2014-15 से अब तक MSP में क्रमिक वृद्धि से किसानों को लगभग ₹1,342 करोड़ का समर्थन प्राप्त हुआ है, जिससे कृषि समर्थन नीति पर भी बहस जारी है कि क्या MSP वास्तव में कृषि विकास में प्रभावी है या कुछ चुनिंदा फसलों पर केंद्रित है।



