भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील पर मुहर, टैरिफ कटौती से भारतीय निर्यात को मिलेगा बड़ा फायदा

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापारिक बातचीत अब ठोस नतीजे पर पहुंच गई है। दोनों देशों ने अंतरिम ट्रेड डील की औपचारिक घोषणा करते हुए साझा बयान जारी किया है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर लगने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ़ में बड़ी कटौती का फैसला किया है। अब भारतीय सामानों पर टैरिफ़ घटकर 18 प्रतिशत रह जाएगा, जो 7 फरवरी से प्रभावी होगा। इससे पहले यह दर 50 प्रतिशत तक थी।
संयुक्त बयान में कहा गया है कि यह ट्रेड डील भारतीय निर्यातकों, खासकर एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार के दरवाजे खोलेगी।
व्हाइट हाउस के अनुसार, भारत ने रूसी तेल आयात को लेकर रुख बदलने और अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही दोनों देश अगले 10 वर्षों के लिए रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं।
समझौते के तहत भारत कई अमेरिकी टेक्नोलॉजी और कृषि उत्पादों पर टैरिफ़ खत्म करेगा या उसमें कटौती करेगा। वहीं अमेरिका भारतीय जेनेरिक दवाओं, रत्न, हीरे और विमान के पुर्जों समेत कई उत्पादों पर आगे चलकर शुल्क हटाने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।
हालांकि, 500 अरब डॉलर के निवेश और खरीद से जुड़े समझौते की तस्वीर अब भी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। दोनों देश ‘रूल्स ऑफ ओरिजिन’ तय करेंगे ताकि इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से भारत और अमेरिका को ही मिले।
इसके अलावा, नॉन-टैरिफ बाधाओं को हटाने और मेडिकल उपकरणों व आईसीटी उत्पादों से जुड़ी पुरानी अड़चनों को खत्म करने पर भी सहमति बनी है, जिससे व्यापारिक प्रक्रिया और आसान होगी।


