रामलला दर्शन योजना: छत्तीसगढ़ से आस्था की रेल, हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन का सौभाग्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनआस्था से जुड़ी महत्वाकांक्षी रामलला दर्शन योजना लगातार प्रदेशवासियों को आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ रही है। योजना के तहत अब तक 49 विशेष ट्रेनों के माध्यम से 41,650 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम पहुंचाकर रामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं।
इसी कड़ी में राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से रवाना हुई विशेष ट्रेन के दौरान भक्ति और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला। स्टेशन परिसर जयघोषों से गूंज उठा। तीर्थयात्रियों को विदा करने के लिए उनके परिजन, स्थानीय नागरिक और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आयोजित कार्यक्रम में राजनांदगांव के महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि रामलला दर्शन योजना आमजन के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिसमें बिना किसी आर्थिक बोझ के लोगों को अयोध्या दर्शन का अवसर मिल रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव ने योजना को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने वाली पहल बताया। वहीं केंद्रीय सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने इसे शासन की जनकल्याणकारी सोच का सफल उदाहरण बताया।
ट्रेन प्रस्थान से पहले यात्रियों का स्वागत पारंपरिक लोकनृत्य और लोकवाद्यों के साथ किया गया। आईआरसीटीसी प्रतिनिधियों ने तिलक कर यात्रियों का अभिनंदन किया, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया।
दुर्ग स्टेशन पर आत्मीय स्वागत
राजनांदगांव से रवाना होने के बाद विशेष ट्रेन दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराना सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक समन्वय का प्रमाण है।
दुर्ग की महापौर अल्का बाघमारे ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त कर रही है और भविष्य में और अधिक श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलेगा।
पूरे कार्यक्रम के दौरान यात्रियों और नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी इस पुण्य अवसर का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस करते नजर आए।


