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वनांचल के टोलों में पहुंचेगा उजाला, ओड़गी के तीन गांवों को मिली 3 करोड़ से ज्यादा की बिजली सौगात

रायपुर। जंगलों के बीच बसे वे टोले, जिन्होंने पीढ़ियों तक अंधेरे को अपनी किस्मत मान लिया था, अब रोशनी की ओर बढ़ने वाले हैं। सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के तीन सुदूर ग्रामों में आज़ादी के दशकों बाद पहली बार नियमित बिजली पहुंचाने के लिए 3 करोड़ 6 लाख 92 हजार 670 रुपये की स्वीकृति जारी हुई है। यह पहल महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से संभव हो सकी है।

भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मसंकी, बांक और असुरा के कई मजरा-टोले अब तक मुख्य विद्युत लाइन से कटे थे। रात होते ही यहां घना अंधेरा छा जाता था और ग्रामीण ढिबरी या सीमित सोलर लाइट के सहारे जीवन गुजारते थे। बच्चों की पढ़ाई, किसानों का काम और रोजमर्रा की जिंदगी अंधेरे की मार झेल रही थी। क्षेत्रीय दौरे के दौरान ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए लक्ष्मी राजवाड़े ने ऊर्जा विभाग के साथ समन्वय कर विद्युतीकरण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया।

मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत स्वीकृत राशि से ग्राम मसंकी के लुकभुकिया और पतेरीपारा, ग्राम बांक के खासपारा और स्कूलपारा तथा ग्राम असुरा के खासपारा, पंडोपारा और असुरा-1 में बिजली विस्तार कार्य किया जाएगा। करोड़ों की इस परियोजना से न केवल घरों में उजाला पहुंचेगा, बल्कि शिक्षा, कृषि और स्वरोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

वन भूमि की अनुमति सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि ये टोले घने जंगलों के बीच स्थित हैं। विभागीय स्तर पर आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लिया गया है और अब जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू होगा।

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश का कोई भी घर अंधेरे में न रहे। उनका मानना है कि बिजली पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई आसान होगी, किसानों को सुविधा मिलेगी और स्थानीय स्तर पर लघु उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम साबित होगा।

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