महतारी वंदन योजना से बदली ज़िंदगी: किसी ने शुरू किया सिलाई सेंटर, तो किसी ने खरीदा ई-रिक्शा

रायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को बस्तर में आयोजित वृहद महतारी वंदन कार्यक्रम में दो महिलाओं ने वर्चुअल संवाद के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जुड़कर अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास भी दिया है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम खोडरी की अनीता साहू ने बताया कि योजना से हर महीने मिलने वाली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई का काम शुरू किया। पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी, जिससे आर्थिक परेशानी बनी रहती थी। अब खेती, मजदूरी और सिलाई कार्य से आय बढ़ी है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उन्होंने “अनीता सिलाई सेंटर” के नाम से उद्यम पंजीयन भी कराया है और महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर अपना काम आगे बढ़ाया है।
इसी तरह मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था। शासन से मिली सहायता और महतारी वंदन योजना के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर नया रोजगार शुरू किया। अब वे आत्मनिर्भर होकर सम्मानपूर्वक अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
दोनों महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई राह साबित हुई है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।



