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महासमुंद में कुपोषण पर बड़ा अभियान: 29 बच्चों की पहचान, विशेष उपचार शुरू

रायपुर। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत महासमुंद जिले में कुपोषण के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना और महिला एवं बाल विकास विभाग के “वजन त्यौहार” अभियान के जरिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।

महासमुंद जिले के नयापारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में 0 से 5 वर्ष तक के 80 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 29 बच्चे कुपोषित और अति कुपोषित पाए गए। इन बच्चों को तुरंत दवाइयां, चिकित्सकीय परामर्श और विशेष पोषण उपचार उपलब्ध कराया गया। गंभीर मामलों में नियमित फॉलोअप और जरूरत पड़ने पर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की गई।

9 से 18 फरवरी तक आयोजित “वजन त्यौहार” के तहत शहरी परियोजना क्षेत्र के डॉ. सुशील सैमुअल वार्ड (सेक्टर-01) में भी विशेष शिविर लगाए गए। यहां बच्चों और गर्भवती महिलाओं का वजन व ऊंचाई मापकर कुपोषण की स्थिति का आकलन किया गया। चिन्हित बच्चों को विशेष पोषण आहार और चिकित्सा सुविधा से जोड़ा गया, जबकि गर्भवती महिलाओं को आयरन, कैल्शियम और संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई।

पोषण और जागरूकता पर फोकस

स्वास्थ्य दल ने पालकों को टीकाकरण, स्वच्छता, कृमिनाशक दवा सेवन और साफ पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक किया। बच्चों के आहार में दाल, हरी सब्जियां, दूध, अंडा और फल शामिल करने पर जोर दिया गया।

शिक्षा से जोड़ने की पहल

अभियान के दौरान देवार जाति की चार स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने की पहल भी सफल रही। यह कदम बालिका शिक्षा और सामाजिक समावेशन को मजबूती देने वाला साबित हो रहा है।

महासमुंद जिले में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से कुपोषण उन्मूलन की दिशा में सकारात्मक माहौल बन रहा है और जनभागीदारी भी बढ़ रही है।

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