छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘लखपति महिला’ पहल ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के प्रयासों से अब तक प्रदेश की 13.96 लाख ग्रामीण महिलाएं ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
भारत सरकार ने वर्ष 2023-26 के लिए छत्तीसगढ़ में 7.82 लाख ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके मुकाबले राज्य ने 13.96 लाख महिलाओं को इस श्रेणी में लाकर निर्धारित लक्ष्य का 179 प्रतिशत हासिल किया है।
लखपति महिला पहल की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की तीसरी बैठक मंगलवार को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने की। इसमें राज्य के 27 विभागों के अधिकारी शामिल हुए। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के मिशन संचालक अश्वनी देवांगन ने पहल के तहत चल रही गतिविधियों और अब तक की प्रगति की जानकारी साझा की।
बैठक में विभिन्न विभागों के साथ अभिसरण के जरिए स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने पर चर्चा हुई। महिलाओं को स्वरोजगार, आर्थिक गतिविधियों और स्थायी आजीविका के अवसरों से जोड़कर उनकी वार्षिक आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के प्रयासों को और गति देने पर जोर दिया गया।
लखपति महिला पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में लगातार वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। बैठक में योजनाओं के बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।




