कुदरत का कहर: जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन ने मचाई तबाही

जम्मू-कश्मीर में मौसम ने कहर ढाया है। लगातार मूसलाधार बारिश ने जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, खासकर कटरा में जहां माता वैष्णो देवी के पावन यात्रा मार्ग पर भयंकर भूस्खलन ने कई लोगों की जान ले ली है। बुधवार को हुए इस भूस्खलन में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, और राहत कार्यों में भीषण चुनौतियाँ सामने आ रही हैं।
बारिश के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं, पुल टूट-फूट गए हैं और यातायात पूरी तरह ठप है। जम्मू-कश्मीर के प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, वहीं 27 ट्रेनों का शॉर्ट-टर्मिनेशन किया गया है। वैष्णो देवी यात्रा फिलहाल रोक दी गई है, क्योंकि यहां का रास्ता मलबे और पत्थरों से घिर गया है।
मृतकों का आंकड़ा 30 के पार, कई अभी भी लापता
मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे कटरा के अर्धकुंवारी इलाके के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिसमें अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। भारतीय सेना, CRPF और NDRF की टीमें लगातार बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन धीमा पड़ रहा है।
राहत प्रयासों को मिली नई ताकत
राहत कार्यों को मजबूत करने के लिए सी-130 और IL-76 विमान के जरिए राहत सामग्री जम्मू पहुंचाई गई है। इसके अलावा चिनूक और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टर निकटवर्ती इलाकों में स्टैंडबाय मोड पर सक्रिय हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
विनाशकारी बारिश ने घटाई लोगों की मुश्किलें
जम्मू में भारी बारिश के चलते कई पुल टूट गए, बिजली के तार झड़ गए और मोबाइल टावर भी प्रभावित हुए हैं, जिससे संपर्क व्यवस्था भी बाधित हुई है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया है।