लोकसभा बजट बहस में गरमा-गरम आरोप, Sitharaman का बयान कानूनी उल्लंघन – विपक्ष

लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पर दी गई व्यापक व्याख्या ने राष्ट्रीय राजनीति में विवाद छेड़ दिया। उन्होंने बयान दिया कि इस वित्तीय वर्ष का बजट “देश की आर्थिक रूपांतरण यात्रा को गति देगा” और खासकर MSMEs, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर निवेश को बढ़ावा देगा। विपक्ष ने इस बयान को सूचना गड़बड़ाना और आर्थिक आंकड़ों में खुलासा की कमी बताते हुए तीखा विरोध किया।
वित्त मंत्री ने लोकसभा में यह भी कहा कि नया बजट गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, लेकिन विपक्ष ने विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि यह वास्तविक सुधारों की जगह सिर्फ राजनीतिक घोषणाओं का संग्रह है। विपक्ष ने उच्च सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि “यह बजट केवल चुनावी एजेंडा का हिस्सा है, न कि गरीब और मजदूर के हितों का” और वादा किया कि वे इसे लोक अदालतों तक चुनौती देंगे।
इस मुद्दे ने संसद के बाहर भी बहस को जन्म दिया, जहाँ कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर बजट में MSME समर्थन वास्तव में लागू नहीं हुआ, तो यह आर्थिक वृद्धि के वास्तविक लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाएगा। वहीं समर्थक कहते हैं कि यह बजट देश की परिवर्तन यात्रा में पहला कदम है।


