वीर बाल दिवस पर चार साहसी बच्चों को मिला वीरता सम्मान, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

रायपुर। वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी द्वारा आयोजित वीरता सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर प्रदेश के चार साहसी बच्चों को उनके अदम्य साहस और प्रेरणादायी कृत्यों के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में प्रेमचन्द साहू को साहिब फतेह सिंह वीरता पुरस्कार, अंशिका साहू को साहिबजादा जोरावर सिंह वीरता पुरस्कार, कांति सिंह को साहिबजादा जुझार सिंह वीरता पुरस्कार तथा ओम उपाध्याय को साहिबजादा अजीत सिंह वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों का बलिदान सदैव समाज को प्रेरणा देता रहेगा। धर्म, आस्था और देश की रक्षा के लिए सिख समाज का योगदान इतिहास में अतुलनीय है।
उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर को मनाया जाने वाला वीर बाल दिवस हमें साहिबजादों के अद्वितीय साहस और त्याग की याद दिलाता है। कम उम्र में भी उन्होंने अपनी आस्था से समझौता नहीं किया और सर्वोच्च बलिदान देकर शौर्य की अमर मिसाल कायम की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी में साहस और देशभक्ति की भावना मजबूत हो रही है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी की सराहना करते हुए उन्होंने सभी सम्मानित बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में दुर्ग सांसद विजय बघेल और राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के संयोजक कुलदीप सिंह सोलंकी ने स्वागत भाषण दिया।
इस मौके पर भूपेंद्र सवन्नी, विश्वविजय सिंह तोमर, संजीव दवे, गिरीश चंदेल, नीरज शर्मा, वर्तिका मिश्रा, अजय काले, संजय जोशी सहित अनेक गणमान्य नागरिक और छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के सदस्य उपस्थित रहे।




