राजस्थान में ‘सफाई अभियान’ या दिखावा? 6 दिन की मुहिम पर उठे खर्च और असर के सवाल

राजस्थान दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने 14 मार्च 2026 से छह दिन का स्वच्छता सप्ताह शुरू किया है, लेकिन इस पहल ने सोशल मीडिया पर प्रशंसा के साथ-साथ आलोचना भी बटोरी है। अभियान के तहत राज्य के सभी शहरी निकायों को सफाई और जनजागरूकता गतिविधियाँ आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान में हर दिन एक विशेष विषय रखा गया है। 15 मार्च को प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, 16 मार्च को स्वच्छ शौचालय, 17 मार्च को ठोस कचरा प्रबंधन और 18 मार्च को जल प्रबंधन पर गतिविधियाँ होंगी। 19 मार्च को राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का दावा है कि यह कार्यक्रम नागरिक भागीदारी बढ़ाने और शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए जरूरी है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि ऐसे अभियान अक्सर औपचारिकता बनकर रह जाते हैं और स्थायी समाधान नहीं दे पाते। कई जगहों पर यह भी सवाल उठाया गया कि क्या सफाई सिर्फ विशेष सप्ताह तक सीमित रहेगी या साल भर ठोस व्यवस्था बनेगी।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से लोगों में व्यवहारिक बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है। स्कूलों, बाजारों और कॉलोनियों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि नागरिक खुद सफाई के प्रति जिम्मेदारी लें।




