‘स्पेशल सर्विस’ से इनकार बना सजा, स्पा संचालक ने 6 महीने की सैलरी रोकी; बिलासपुर स्पा सेंटर में देह व्यापार का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से स्पा सेंटर की आड़ में शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक स्पा सेंटर में काम करने वाली युवती ने आरोप लगाया है कि जब उसने कस्टमर को तथाकथित ‘स्पेशल सर्विस’ देने से मना किया, तो स्पा संचालक ने उसकी छह महीने की सैलरी रोक ली।
पीड़िता अंबिकापुर की रहने वाली है, जिसे अच्छी कमाई और नौकरी का झांसा देकर बिलासपुर बुलाया गया था। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सत्यम चौक स्थित आइवरी स्पा सेंटर में दो नेपाली मूल की महिलाएं—पूजा डेकाल (संचालक) और नीरू तमंग (मैनेजर)—फैमिली सैलून के नाम पर स्पा सेंटर का संचालन कर रही थीं।
युवती के मुताबिक, शुरुआत में उससे बॉडी मसाज, थैरेपी और फेसियल जैसे सामान्य काम कराए गए, लेकिन कुछ समय बाद ग्राहकों को ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव बनाया जाने लगा। इनकार करने पर मानसिक प्रताड़ना शुरू हुई और छह महीने का वेतन भी रोक लिया गया, जिससे वह आर्थिक संकट में आ गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि स्पा सेंटर में आने वाले ग्राहकों से 2 से 3 हजार रुपए तक वसूले जाते थे। इसमें से युवती को 1,000 से 1,500 रुपए देने की बात कही जाती थी, लेकिन कई बार वह राशि भी नहीं दी जाती थी। अधिकतर पैसा संचालक और मैनेजर अपने पास रख लेते थे।
पीड़िता ने 7 फरवरी को सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब स्पा सेंटर में काम करने वाली अन्य युवतियों से भी पूछताछ कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि और भी महिलाएं शोषण का शिकार हो सकती हैं। इसके साथ ही शहर में संचालित अन्य स्पा सेंटरों की भी जांच की तैयारी की जा रही है।
नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह ने बताया कि शिकायत गंभीर है और पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पीटा एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है।




