सीमांत गांव चुरेगांव में लगा समाधान शिविर: 84 आवेदनों पर कार्रवाई, ग्रामीणों तक पहुंची योजनाओं की सीधी राहत

रायपुर। सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन लगातार जारी है। इसी कड़ी में कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के अंतिम छोर पर बसे चुरेगांव में एक व्यापक शिविर लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं और मौके पर ही कई मामलों में समाधान भी मिला।
शिविर में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियों को सुना और अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति और आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ऐसे शिविरों का मकसद लोगों को जिला या ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर से बचाना है, ताकि समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही हो सके। उन्होंने महिलाओं को ई-रिक्शा योजना से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने की सलाह दी, वहीं पशुपालन और अन्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया।
शिविर में कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर निराकरण किया गया। सामाजिक कल्याण विभाग ने दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल और बैसाखी वितरित की। पेंशन योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति मिली। इसके अलावा आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड, राशन कार्ड, किसान किताब और कृषि बीज वितरण जैसे कार्य भी किए गए।
वन विभाग द्वारा बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि भी दी गई, वहीं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधों का वितरण किया गया।
शिविर के दौरान एक खास पहल भी देखने को मिली, जब पारंपरिक ‘मड़िया पेज’ से ग्रामीणों ने मेहमानों का स्वागत किया। कलेक्टर ने ग्रामीण महिलाओं के साथ बैठकर इस पारंपरिक पेय का स्वाद लिया और उनकी सराहना की, जिससे प्रशासन और गांव के बीच आत्मीयता का माहौल नजर आया।



