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बस्तर में ‘पुस्तक दान अभियान’ की शुरुआत, ज्ञान बांटने के लिए प्रशासन की अनूठी पहल

रायपुर। बस्तर जिले में शिक्षा को बढ़ावा देने और जरूरतमंद विद्यार्थियों तक ज्ञान पहुँचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक प्रेरणादायक पहल शुरू की है। कलेक्टर आकाश छिकारा के नेतृत्व में “पुस्तक दान अभियान” का शुभारंभ किया गया, जिसका मकसद घरों में रखी पुरानी लेकिन उपयोगी किताबों को उन बच्चों तक पहुँचाना है, जो संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं।

इस अभियान के तहत आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे अपनी पुरानी किताबें—जैसे ज्ञानवर्धक पुस्तकें, महान व्यक्तित्वों की जीवनियाँ और सामान्य ज्ञान से जुड़ी सामग्री—दान करें, ताकि किसी जरूरतमंद छात्र का भविष्य संवर सके।

अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन ने “पुस्तक दान रथ” तैयार किया है, जिसे कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। पहले ही दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों—पावर हाउस चौक, डोंगरीपारा, कोहकापाल, धरमपुरा और नया बस स्टैंड—में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पुस्तकें दान कीं।

यह अभियान सात दिनों तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में चलेगा। 20 मार्च को तोकापाल के एर्राकोट और करंजी, 21 मार्च को बास्तानार और किलेपाल, 22 मार्च को दरभा और तीरथगढ़, 23 मार्च को बकावंड, 24 मार्च को लोहंडीगुड़ा और 25 मार्च को भानपुरी व केशरपाल क्षेत्रों में पुस्तक संग्रह किया जाएगा।

संग्रहित पुस्तकों को जिला ग्रंथालय और विकासखंड स्तर के पुस्तकालयों में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें। अभियान के सफल संचालन के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

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