देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

तेजस: भारत का आसमान में आत्मनिर्भर वार क्रांति

अब लड़ाई सिर्फ सीमा पर नहीं, तकनीक और आत्मनिर्भरता की होड़ में भी है – और भारत इस जंग में पीछे नहीं।"

बदलते वैश्विक और सामरिक हालात में अब भारत के लिए केवल आयात पर निर्भर रहना एक जोखिम बन चुका है। इसलिए देश ने अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नारा नहीं, मिशन बना लिया है। मिसाइल से लेकर मारक हथियारों तक, भारत ने एक के बाद एक मील के पत्थर पार किए हैं। अब अगला बड़ा टारगेट है — देसी मॉडर्न फाइटर जेट, जो भारत के आसमान को पूरी तरह स्वदेशी ताकत से भर देगा।

तेजस: आकाश में भारत का आत्मनिर्भर शूरवीर

देश के सबसे महत्वाकांक्षी फाइटर प्रोग्राम ‘तेजस’ ने अब सिर्फ उड़ान नहीं भरी है, बल्कि आत्मनिर्भरता के नए मायने गढ़े हैं। तेजस अब एक प्रोजेक्ट नहीं, भारत की हवाई शक्ति का फ्रंटलाइन वॉरियर बनता जा रहा है।

तेजस MK-1A और MK-2A — दो नए वेरिएंट्स जो आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनने जा रहे हैं।

AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) — 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर की तैयारी ज़ोरों पर है, जो भारत को एक नई टेक्नोलॉजिकल लीग में ले जाएगा।

तेजस MK-1A: F-16 और Su-30 को चुनौती

तेजस MK-1A को केवल अपग्रेड नहीं, बल्कि गेमचेंजर माना जा रहा है। इसकी फुर्ती, घातकता और तकनीकी शक्ति इसे चीन और अमेरिका के जेट्स के बराबर, और कई मामलों में उनसे आगे ले जाती है।

रडार क्षमता – EL/M-2052 AESA रडार से लैस, जो दुश्मन को 150+ किमी दूर से पहचान सकता है।

BVR और WVR मिसाइलों से लैस – Python-5, Astra MK-1 और ASRAAM जैसे हथियार इसे मल्टीलेयर डिफेंस सिस्टम बनाते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक जामिंग – Elta EL/M 8222 पॉड से लैस, जिससे यह इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में भी तैयार है।

फ्रंटलाइन पर तेजस की तैनाती: एयरफोर्स का बढ़ता भरोसा

राजस्थान, गुजरात और लद्दाख जैसे सामरिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में तेजस की स्क्वॉड्रन तैनात की जा रही हैं। इसका मतलब साफ है — तेजस अब सिर्फ शोपीस नहीं, बल्कि वायुसेना की पहली पंक्ति की रक्षा है।

परफॉर्मेंस जो दुनिया को चौंकाए

Mach 1.6 स्पीड

3,500 किग्रा तक पेलोड कैपेसिटी

8 हार्डपॉइंट्स

40%+ कंपोजिट मटेरियल से बना हल्का और स्टील्थ फ्रेम

डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, घातक टर्निंग रेडियस, और मल्टीरोल कैपेबिलिटी — तेजस को सिर्फ मिग-21 का रिप्लेसमेंट नहीं, बल्कि 21वीं सदी का भारतीय फाइटर बनाते हैं।

तेजस: अब केवल सपना नहीं, सामर्थ्य है

इंटरसेप्शन से लेकर डीप स्ट्राइक तक, तेजस हर ऑपरेशन के लिए तैयार है। Spice-2000, SAAW, NGARM और BrahMos-NG जैसे हथियारों के साथ यह दुश्मन की हर रणनीति का जवाब बन चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button