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छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र में घमासान! जेलों में ओवरलोड, साइबर फ्रॉड और कॉलेजों में गड़बड़ी पर गरमाई बहस

26 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तेज़ बहस छिड़ गई। सबसे बड़ा विवाद “कैदियों की संख्या जेल की क्षमता से ज़्यादा होने, कस्टोडियल मौतों, साइबर फ्रॉड, “म्यूल अकाउंट ठगी”, और सबसे ज्वलंत “प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में मनमानी संचालन” के मुद्दों को लेकर हुआ।

विधायकों ने सवाल उठाए कि कैसे राज्य की जेलों में कैदियों की संख्या न्यूनतम स्तर से अधिक हो गई है और इससे कानून व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार सही आंकड़े नहीं दे रही और जेल प्रशासन लापरवाही से काम कर रहा है। इसके अलावा कस्टोडियल मौतों के मामलों में पारदर्शिता का अभाव, साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर भी कड़ी आलोचना हुई।

सबसे उत्तेजक बहस तब हुई जब निजी नर्सिंग कॉलेजों के संचालन और उनकी मानकों पर सवाल उठाए गए। विपक्ष ने कहा कि कुछ कॉलेज बिना मानकों के चले रहे हैं और छात्रों की पढ़ाई तथा भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

सरकार की ओर से जवाब में बताया गया कि जांच प्रक्रियाधीन है और जल्द कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने लोकहित को सर्वोपरि रखने का दावा करते हुए कहा कि नफ़ा कमाने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख़्त कदम उठाए जाएंगे।

इस सत्र से यह स्पष्ट है कि आगामी चुनावों में इन मुद्दों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे राजनीतिक धैर्य और सामूहिक सुरक्षा की बहस गर्माई हुई है।

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