छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और पूर्व मंत्री सुरेंद्र बहादुर सिंह को विधानसभा में श्रद्धांजलि, नेताओं ने गिनाईं उपलब्धियां और जताया दुख

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को दो दिवंगत नेताओं — पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और पूर्व मंत्री राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों ने उनके जीवन, सेवा और योगदान को याद करते हुए गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।

पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त को याद करते हुए…

शेखर दत्त के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि –“1971 के भारत-पाक युद्ध में सेना पदक से सम्मानित होने के बाद वे प्रशासनिक सेवा में आए। रक्षा सचिव, डिप्टी एनएसए और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल जैसे पदों पर रहते हुए उन्होंने देश और राज्य दोनों की सेवा की। वे सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के आदर्श थे।”

विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा –

“राज्यपाल रहते हुए दत्त जी ने छत्तीसगढ़ की समस्याओं को गहराई से समझा और हर काम में गहरी तैयारी रखते थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा और राज्य के संकल्पों को आकार देने में विशेष भूमिका निभाई।”
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने उन्हें याद करते हुए कहा –
“उनका प्रशासनिक कौशल, मानवीय दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण अतुलनीय था। नक्सलवाद के खिलाफ उनके दृष्टिकोण को आज देश साकार होते देख रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा –
“दत्त जी के जीवन में कभी पद का अहंकार नहीं दिखा। वे सहज, सरल और विनम्र व्यक्तित्व के धनी थे। उनका जाना प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।


पूर्व मंत्री राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह की स्मृति में…

पूर्व मंत्री सुरेंद्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए वक्ताओं ने उनके राजनीतिक योगदान, सरल स्वभाव और जनता से गहरे जुड़ाव की सराहना की। मुख्यमंत्री ने उन्हें याद करते हुए कहा –“राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह जी का जीवन समाजसेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। अनुसूचित जनजाति से होने के बावजूद वे सामान्य सीट से चार बार विधायक निर्वाचित हुए।”

वरिष्ठ विधायक ने भावुक होकर बताया –

“वे मेरे से बड़े थे लेकिन मित्रवत व्यवहार करते थे। उन्होंने मुझे नेपाल भेजा था उनके विवाह के प्रस्ताव पर लड़की देखने के लिए। उनके निधन से एक पारिवारिक सदस्य जैसा लगाव चला गया।”
भूपेश बघेल ने भी कहा –

“सुरेंद्र बहादुर सिंह स्पष्ट वक्ता थे और किसी भी मुद्दे पर सीधा विचार रखते थे। उनके साथ आत्मीय संबंध थे। उनका जाना एक बड़ी क्षति है।”

सदन ने रखा मौन

अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की ओर से दोनों दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों के प्रति संवेदना जताई।
सदन ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मौनधारण किया।

शेखर दत्त की प्रमुख उपलब्धियां:
•1971 के युद्ध में वीरता, सेना मेडल से सम्मानित
•IAS अधिकारी, रक्षा सचिव, डिप्टी NSA
•2010-2014 तक छत्तीसगढ़ के राज्यपाल
•शिक्षा, सामाजिक कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा में सक्रिय योगदान

सुरेंद्र बहादुर सिंह की प्रमुख झलकियां:

•शक्ति रियासत के राजा, 4 बार विधायक
•मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री
•जनजातीय समाज के हित में समर्पित कार्य
•समाज सेवा, शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्र में रुचि

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button